देहरादून-:
*कर्तव्यपथ पर 'साहसो' के तिनके से मजबूत आधार बनाया है,*
*सदैव ही अग्रणी बन तूने देख आज हर कदम पर 'आशीष' कमाया है।।*
नेकी, विश्वास, अडिगता, समर्पण, सौम्यता, सहजता व कर्तव्यपरायणता- हर एक शब्द को अपनी जिम्मेदारी संभालने के दिन से आज तक निभाते आने वाले जनपद देहरादून द्वारा जनता के लिए मिली 'प्रशासनिक ताकतो' का 'जनता के लिए इस्तेमाल' कर सही मायने में कुशल प्रशासक की छवि 'पोट्रे' की है। काम के प्रति अपने समर्पण का ही फल है कि तकलीफों के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया व सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने वाली जनता के हित के लिए' डीएम' के कड़े व फौरी निर्णय आज 'राहत' सरीखे है। नतीजन शीर्ष अधिकारियों से हर दिन सराहना बटोरने वाले डीएम सविन को आशीष देने वाले भी आज कम नही। आम जनता के बीच वह आज एक ऐसे नाम है- जो विश्वास के पूरक है- लोग आश्वस्त है कि- सरकारी काम हो या पारिवारिक दिक्कत, डीएम हमारा है। कहना गलत नही होगा कि आज दून की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में डीएम की सुदूरवर्ती व कर्मठ छवि भी बराबर की पैरोकार है।
डीएम सविन बंसल की सहजता भी ऐसी है कि उनसे मिलने आये लोगो का वह सहर्ष अभिवादन कर उनकी पीड़ा सुनते है और व्यस्तता अधिक हो तो अपने ओहदे को दरकिनार कर आम जनता से मिलने खुद उनके बीच भी पहुँच जाते है। आज भी कुछ ऐसा ही वाक्या हुआ जब कचहरी स्थित शहीद स्मारक में एक कार्यक्रम में पहुँचे डीएम को देख दो महिलाएं आई तो डीएम ने भी उनका अभिवादन स्वीकार किया। डीएम को अपने बीच देखकर उनके कार्यो की महिलाओ द्वारा प्रशंसा कर उनके सुख समृद्धि की कामना कर उनके कुशल प्रशासक के जीवन की तरक्की की कामना की।डीएम द्वारा भी सहजता से बुजुर्ग महिलाओं के आगे शीश झुका दिया।