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पार्किंग को लेकर कब जिम्मेदार बनेगा स्कूल प्रशासन?

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पार्किंग को लेकर कब जिम्मेदार बनेगा स्कूल प्रशासन?

shikhrokiawaaz.com

04/05/2025


देहरादून-: राजधानी देहरादून में यातायात समस्या दिन प्रतिदिन चुनौतीपूर्ण होती जा रही है, जिनसे निबटने को दून पुलिस द्वारा अतिक्रमण हटाने, गाड़ियों को निर्धारित स्थान पर न उतरने को चालान आदि की कई मर्तबा मोहलत पर कार्य किया तो जा रहा है किंतु राजधानी वासियो से यातायात में सहयोग की अपील के बावजूद आम जनता का सहयोग न के बराबर बना हुआ है।
राजधानी देहरादून एजुकेशन हब के रूप में जाना जाता है,जहां कई नामी व प्रतिष्ठित स्कूल है। उन स्कूलों में अभिभावको द्वारा सुबह बच्चो को स्कूल छोड़ने के समय स्कूल के आसपास जाम की स्थिति जितना सताती है, तो दिन के समय बच्चो की स्कूल छुट्टी होने के समय में स्कूल के आसपास जाम चरम पर बन जाता है।

पुलिस मुख्यालय के पास स्थित राजधानी के प्रतिष्ठित स्कूलों में से एक सेंट जोसफ स्कूल में दोपहर होते ही बच्चो को लेने वाले अभिभावकों द्वारा यातायात नियमो की सदैव से ही जमकर अवहेलना की जाती है। स्कूल से कोसो दूर सचिवालय से लेकर स्कूल के गेट तक अपने मन मुताबिक सचिवालय व पुलिस मुख्यालय के गेट के सामने व रोड पार अपने वाहन पार्क कर दिए जाते है, जिससे पुलिस के लिए दिन के समय यातायात मैनेज करना खासा चुनौती बन जाता है। और अभिभावकों को रोको तो आजकल के सोशल मीडिया के 'इन्फ्लुएंस' की धौंस दिखाते हुए पुलिस कर्मियों को नियम का पाठ पढ़ाने पर वीडियो बनाना शुरू कर देते है। जबकि पुलिस कप्तान से लेकर यातायात अधीक्षक, यातायात पुलिस द्वारा सेंट जोसेफ से लेकर कई स्कूलों को अभिभावकों व बच्चो को लाने ले जाने वाले वाहनों की पार्किंग व्यवस्था स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी होने के आदेश जारी कर चुकी है,किन्तु उसके बावजूद स्कूलो के कानो में जूं नही रेंग रही।

सचिवालय से लेकर सेंट जोसफ के गेट तक नो पार्किंग होने के बावजूद भी अभिभावक अपने मनमुताबिक अपनी गाड़िया पार्क कर देते है और रोको तो उल्टा पुलिस से उलझने लगते है। नतीजा कल शुक्रवार को एक महिला यातायात कर्मी द्वारा मुख्यालय के सामने यातायात नियंत्रण करने के दौरान एक व्यक्ति को सेफ्टी कोन गिराने व अपनी गाड़ी नो पार्किंग से हटाने को कहा तो वह व्यक्ति अपने मोबाइल से वीडियो बनाता हुआ उल्टा महिला पुलिस कर्मी से उलझने लगा,हालांकि महिला कर्मी द्वारा शालीनता व आराम से अपनी बात रखते हुए व्यक्ति को अपनी ड्यूटी बताई। किन्तु पुलिस प्रशासन द्वारा भी यातायात नियमो की अवहेलना करने वाले स्कूलों के खिलाफ चालानी कार्यवाही अमल में लानी चाहिए व उन्हें यातायात नियमो के प्रति जिम्मेदार बनने को आदेशित करना होगा,अन्यथा राजधानी का यातायात हर वर्ष की तरह 'जाम है चलता है' ही कहलायेगा।
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