देहरादून:साइबर अपराध के बढ़ते मामलों और ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीकों के बीच उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स ने आम लोगों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल की है।
एसटीएफ की साइबर टीम ने ‘साइबर पोर्टल हब’ नाम से एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इसका उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराध से संबंधित शिकायत, सुरक्षा और सहायता के लिए जरूरी आधिकारिक सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है।
इस पोर्टल में साइबर अपराध की शिकायत से लेकर ऑनलाइन बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, यूपीआई, सोशल मीडिया, टेलीकॉम, ई-कॉमर्स और अन्य जरूरी ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े आधिकारिक लिंक एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए गए हैं।
इससे लोगों को साइबर समस्या सामने आने पर अलग-अलग वेबसाइटों पर जाकर जानकारी तलाशने की परेशानी कम होगी और वे संबंधित आधिकारिक प्लेटफॉर्म तक सीधे पहुंच सकेंगे।
इस पहल में महिलाओं और बच्चों से जुड़े साइबर अपराधों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। पोर्टल के माध्यम से नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिग पोर्टल यानी एनसीआरपी तक पहुंच बनाई गई है, जहां साइबर अपराध की शिकायत दर्ज की जा सकती है। महिला एवं बच्चों से संबंधित संवेदनशील मामलों में उपलब्ध रिपोर्टिंग विकल्पों की जानकारी भी यहां दी गई है।
बच्चों से जुड़ी आपत्तिजनक या यौन शोषण वाली ऑनलाइन सामग्री की शिकायत और उसे हटाने में सहायता देने वाली सेवाओं के बारे में भी पोर्टल के जरिए जानकारी हासिल की जा सकती है।
नाबालिगों की आपत्तिजनक तस्वीर या वीडियो के ऑनलाइन प्रसार से जुड़े मामलों में टेक इट डाउन जैसी सेवा की जानकारी भी उपलब्ध कराई गई है। वहीं, वयस्क महिलाओं की निजी तस्वीर या वीडियो बिना सहमति के ऑनलाइन साझा किए जाने की स्थिति में StopNCII.org जैसी सेवा के बारे में भी जानकारी दी गई है। इन सेवाओं का उद्देश्य पीड़ितों को उपलब्ध आधिकारिक सहायता और रिपोर्टिंग विकल्पों तक पहुंच बनाने में मदद करना है।
ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में भी साइबर पोर्टल हब उपयोगी साबित हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड होता है तो वह नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिग पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकता है।
इसके साथ ही वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर तत्काल सूचना देने की जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। बैंकिंग, आरबीआई शिकायत, उपभोक्ता शिकायत, डिजिटल पेमेंट और यूपीआई से जुड़ी जरूरी आधिकारिक सेवाओं के लिंक भी यहां एक जगह दिए गए हैं।
सोशल मीडिया से संबंधित समस्याओं के लिए भी पोर्टल पर सहायता उपलब्ध कराई गई है। यदि किसी व्यक्ति का सोशल मीडिया अकाउंट हैक हो जाए, फर्जी प्रोफाइल बना दी जाए, किसी की पहचान का गलत इस्तेमाल किया जा रहा हो या अकाउंट रिकवरी की जरूरत हो, तो संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के आधिकारिक रिपोर्टिंग और शिकायत चैनल तक साइबर पोर्टल हब के जरिए पहुंच बनाई जा सकती है।
एसटीएफ की साइबर टीम ने पोर्टल में साइबर सुरक्षा और डिजिटल जांच से जुड़े कुछ उपयोगी टूल्स को भी शामिल किया है। इनमें एपीके एनालिसिस और पीडीएफ टूल्स समेत अन्य डिजिटल सुविधाएं शामिल हैं।
इस तरह साइबर पोर्टल हब को केवल शिकायत दर्ज कराने के माध्यम के रूप में नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा से जुड़ी अलग-अलग आधिकारिक सेवाओं तक पहुंच बनाने वाले एक डिजिटल रेफरेंस प्लेटफॉर्म के तौर पर विकसित किया गया है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के अनुसार साइबर अपराध का शिकार होने के बाद सबसे बड़ी चुनौती कई बार यह होती है कि पीड़ित को यह पता नहीं होता कि शिकायत कहां दर्ज करनी है और किस आधिकारिक माध्यम से सहायता लेनी है। खासकर कम डिजिटल जानकारी रखने वाले लोगों को अलग-अलग पोर्टल तलाशने में परेशानी होती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए यह प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, ताकि नागरिकों को जरूरी साइबर सुरक्षा, शिकायत और सहायता सेवाओं तक एक ही स्थान से पहुंच मिल सके।
साइबर अपराध से निपटने के लिए उत्तराखंड एसटीएफ की नई पहल
shikhrokiawaaz.com
10/01/2026
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