देहरादून:साइबर अपराध के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस की एसटीएफ ने सात दिवसीय “ऑपरेशन हॉटस्पॉट” चलाकर साइबर ठगी से जुड़े बैंक खातों, एटीएम निकासी, संदिग्ध मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल माध्यमों पर कार्रवाई की।
अभियान के दौरान 820 संदिग्ध बैंक खातों का सत्यापन किया गया, जिनमें 159 मुकदमे दर्ज हुए। इसके अलावा 1,236 एटीएम निकासी मामलों की जांच में 32 मुकदमे और 84 चेक निकासी मामलों में 37 मुकदमे दर्ज किए गए। साइबर अपराध में इस्तेमाल किए जा रहे 644 संदिग्ध सिम और 630 आईएमईआई नंबर बंद कराए गए। 22 संदिग्ध सिम विक्रय केंद्रों की जांच में 10 मुकदमे दर्ज हुए।
अभियान के तहत हरिद्वार में साइबर ठगी से जुड़े “नवादा गिरोह” के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जांच में 200 से अधिक बैंक खातों के माध्यम से ठगी की रकम के लेनदेन की जानकारी सामने आई। आरोपियों से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किए गए।
वहीं पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार में ₹3.86 लाख की साइबर ठगी के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया गया। जांच में उसके आठ बैंक खातों में करीब ₹1.50 करोड़ की संदिग्ध धनराशि आने की जानकारी मिली है।
एसटीएफ ने बताया कि तकनीकी विश्लेषण के आधार पर साइबर अपराध के संभावित हॉटस्पॉट चिन्हित किए गए। इसके साथ ही विभिन्न राज्यों के मामलों से साइबर अपराधियों की जानकारी मिलाने पर 100 से अधिक अंतरराज्यीय कड़ियां सामने आई हैं।
वर्ष 2026 में अब तक 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर मिली 18,749 शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए करीब ₹23.44 करोड़ की ठगी की रकम को रुकवाने में सफलता मिली है।
उत्तराखंड पुलिस के अनुसार साइबर अपराधियों, ठगी की रकम निकालने वालों और अपराध में संसाधन उपलब्ध कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। साथ ही लोगों को साइबर ठगी से बचाव के लिए लगातार जागरूक किया जाएगा।
साइबर अपराधियों पर उत्तराखंड पुलिस का बड़ा शिकंजा, ऑपरेशन हॉटस्पॉट में 10 गिरफ्तार
shikhrokiawaaz.com
09/03/2026
Comments
comment
date
latest news