उत्तरकाशी:जनपद की डुण्डा पुलिस ने पुलिस कप्तान सरिता डोभाल के निर्देशन में प्रतिबंधित वन सम्पदा की तस्करी पर रोक लगाते हुए एक बार फिर अपनी सतर्कता और सक्रियता का परिचय दिया है।
आज मंगलवार की सुबह कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भावना कैंथोला के नेतृत्व में डुंडा चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक प्रकाश राणा के द्वारा नियमित चेकिंग के दौरान एक यूटिलिटी वाहन संख्या यूके10सी-1427 को रोककर जांच की गई,जिसमें पुलिस को अवैध रूप से कांजल-कांठ की 597 नग लकड़ियाँ लदी पाई गईं, मौके पर पुलिस द्वारा दो व्यक्तियों 1.गोपाल बोहरा(उम्र39)पुत्र चन्द्र सिंह बोहरा, निवासी ग्राम डोली, थाना कंचनपुर (नेपाल), हाल निवासी मोजांग, त्यूणी, देहरादून,2.विजय(उम्र55) पुत्र प्रेमलाल, निवासी नाल्ड, गंगोरी भटवाड़ी, उत्तरकाशी,को हिरासत में लिया गया।
आरोपी गोपाल बोहरा और विजय (चालक) उक्त लकड़ी को गंगोरी-अगोडा के आरक्षित वनों से काटकर देहरादून-सहारनपुर की ओर तस्करी के उद्देश्य से ले जा रहे थे। दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर वाहन और बरामद लकड़ी को वन विभाग के सुपुर्द किया गया।कांजल-कांठ एक दुर्लभ और उच्च मूल्य की लकड़ी मानी जाती है, जो हिमालयी क्षेत्रों में सीमित मात्रा में पाई जाती है। औषधीय और सांस्कृतिक दृष्टि से इसकी बड़ी महत्ता है। विशेषकर बौद्ध परंपरा में इस लकड़ी से बने बर्तन धार्मिक अनुष्ठानों और औषधीय उपयोगों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
