कोटद्वार - पौड़ी के 5 विकाखंडो व अल्मोड़ा के 1 क्षेत्र को मिलाकर पौड़ी जनपद में जसवंतगढ़ जिला निर्माण की मांग को लेकर शुरू हुई जसवंतगढ़ जिला आन्दोलन की ग्राम यात्रा कर्नल राम रतन नेगी के नेतृत्व में आज सोमवार को रिखणीखाल पहुँची। जहां ग्राम यात्रा द्वारा रिखणीखाल के अंतर्गत 8 ग्राम सभाओं काण्डाखाल , धामधार, डोबरिया , बराई , बगेड़ा , तिमलसैंण , बसड़ा , कर्तिया के लोगो के बीच जाकर जसवंतगढ़ जिला बनाने की मांग को लेकर जनसमर्थन जुटाया।
पौड़ी मुख्यालय से 100-150 किमी की दूरी पर स्थित पौड़ी के कुछ गांवों द्वारा अपने सरकारी काम निबटने को हर मर्तबा पौड़ी मुख्यालय के चक्कर काटने पड़ते है, जो उनके लिए एक दिन के काम के लिए जेब पर भारी पड़ता है। और मजबूरी के मारे करे क्या न करे, काम करवाने की जरूरत होने पर न आ सकने पर किसी न किसी व्यक्ति से काम करवाते है, तो वह पैसे भी वसूलता है, जो ग्रामीणों पर अतिरिक्त भार है। ऐसे में लंबे समय से संघर्ष समिति द्वारा कोटद्वार- पौड़ी के पांच विकास खण्डों नैंनीडांडा , बीरौंखाल, थैलीसैंण,पोखड़ा ,लैंसीडौन तहसील क्षेत्र, रिखणीखाल व अल्मोड़ा के सल्ट विकासखण्ड को संयुक्त रूप से एक जिला जसवंतगढ़ नाम से बनाने की मांग उठाई जा रही है। जसवंतगढ़ जिला संघर्ष समिति द्वारा जसवंतगढ़ जिला बनाने की मांग को लेकर कई बार नेताओ, सरकारी अधिकारियों को ज्ञापन भी सौपें किन्तु फिलहाल तक सरकार की तरफ से उसपर कोई प्रतिक्रिया नही आई है। जिसके तहत ही संघर्ष समिति द्वारा 14 नवंबर से 16 नवंबर तक जसवंतगढ़ जिला आन्दोलन की ग्राम यात्रा शुरू की थी, जोकि आज रिखणीखाल पहुँची।
जसवंतगढ़ जिला संघर्ष समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कर्नल रामरतन नेगी ने कहा जसवंतगढ़ जिला गठन अपने पिछड़े क्षेत्र के सम्पूर्ण विकास की कुंजी है जिसके ताले को खोलने का हमारा दायित्व हैं इसके लिए हमें अपनी आवाज बुलंद करनी है। उन्होंने कहा कि वह सभी संकल्प लें अपने भविष्य के लिए विकास की एक मजबूत नींव रखें।
*अलग-अलग नाम के आंदोलन से हुई थी शुरुआत*
पौड़ी जनपद के 5 विकासखंडों व अल्मोड़ा के सल्ट को एक संयुक्त जिला बनाने की मांग पूर्व से उठ रही है। जो पहले रामगंगा जिला, धुमाकोट जिला, बीरोंखाल जिला के नाम के आंदोलन से शुरू हुई थी और वर्तमान में 1962 भारत चीन युद्ध में चीनी सेना से अकेले 72 घंटे तक लोहा लेने वाले बलिदानी वीर जवान जसवंत सिंह रावत के नाम पर एक जिला बनाने की मांग की जा रही है।