देहरादून:सोमवार को शासकीय आपात बैठक के चलते जनता दरबार में अपनी बात नहीं रख पाए लोगों के लिए आज जिलाधिकारी सविन बंसल ने एक विशेष जनदरबार आयोजित कर मानवीय संवेदनशीलता का परिचय दिया।
इस दौरान उनके द्वारा 100 से अधिक फरियादियों की समस्याएं इत्मीनान से सुनी गईं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए गए। प्रशासन की इस पहल ने यह संदेश दिया कि आमजन की समस्याएं प्राथमिकता में हैं और किसी को भी निराश नहीं लौटाया जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनसेवा का सशक्त माध्यम है,यही वजह है कि वे प्रतिदिन अपने कार्यालय में आने वाले फरियादियों से सीधे संवाद करते हैं और हर शिकायत की व्यक्तिगत मॉनिटरिंग भी करते हैं। सोमवार को प्राप्त बड़ी संख्या में शिकायतों को देखते हुए आज का यह विशेष आयोजन किया गया, जिससे कोई भी पीड़ित अपनी बात रखने से वंचित न रह जाए।
जनदरबार में कई मानवीय पहल सामने आईं। संगतियावाला की दीपा, जो एकल अभिभावक हैं, को उज्ज्वला गैस कनेक्शन दिलाने के निर्देश तुरंत दिए गए। वहीं उत्तरकाशी की बुजुर्ग मंजरी देवी की दिव्यांग पौत्री के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसे विशेष देखभाल संस्थान में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया शुरू कराई गई, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिलेगी।
आर्थिक तंगी से जूझ रहीं बीना देवी और राखी की बेटियों की पढ़ाई न रुके, इसके लिए ‘नंदा-सुनंदा’ योजना के तहत उनकी फीस वहन करने के निर्देश दिए गए। वहीं मेधावी छात्रा प्राची सिंह को उच्च शिक्षा के लिए लैपटॉप उपलब्ध कराने और ब्रह्मपुरी निवासी मनीष शर्मा को आर्थिक सहायता देने की पहल भी की गई।
जनसुनवाई के दौरान महिलाओं और बुजुर्गों से जुड़े संवेदनशील मामलों में सख्ती दिखाते हुए तीन प्रकरणों में ई-एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए। यह कदम न सिर्फ पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में अहम है, बल्कि समाज में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत करता है।
उक्त जनदरबार केवल शिकायतों का निस्तारण नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच भरोसे की एक मजबूत कड़ी के रूप में सामने आया, जहां हर फरियादी को सुना गया और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए गए।