देहरादून-: एसटीएफ की सक्रियता से बैंकिंग आईडी पुनः सक्रिय करने के नाम पर साइबर ठगों के हाथों अपनी 1 करोड़ 51 लाख रुपये की धनराशि गवां चुके एक पीड़ित की 1 करोड़ 45 लाख रुपये की धनराशि ठग के एकाउंट में वक़्त रहते होल्ड हो गयी। पीड़ित को उक्त धनराशि नई प्रणाली के अनुरूप जल्द मिलने में आसान होगी।
कल सोमवार को वादी स्वरूप सिंह निवासी दिनेशपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर द्वारा राष्ट्रीय वित्तीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई गई कि अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा बैंकिंग आईडी को दोबारा सक्रिय करने के लिए उनको ई-सिम जारी कराने का झांसा देते हुए उनके साथ 1 करोड़ 51 लाख 6 हज़ार 100 रुपए की धोखाधड़ी की गई। शिकायत प्राप्त होते ही 1930 कंट्रोल रूम में नियुक्त टीम द्वारा बिन देरी किये संबंधित बैंकों से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्रवाई की गई। जिसके परिणामस्वरूप एसटीएफ़ द्वारा वादी की 1 करोड़ 45 लाख 82 हज़ार 750 रुपये की धनराशि समय रहते होल्ड (सुरक्षित) करा दी गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ ने जनता से अपील की है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी, पिन अथवा यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें तथा अपना बैंक खाता किराये/कमीशन पर किसी को उपयोग हेतु न दें, यह दण्डनीय अपराध है। अज्ञात स्रोत से धनराशि प्राप्त होने पर तत्काल बैंक अथवा पुलिस को सूचित करें। अज्ञात नंबरों से आने वाली वीडियो कॉल, डिजिटल अरेस्ट, पुलिस/सीबीआई अधिकारी बनकर डराने-धमकाने तथा अधिक लाभ का लालच देकर निवेश कराने वाले साइबर ठगों से सावधान रहें। कोई भी सरकारी एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तार नहीं करती। किसी भी कस्टमर केयर नंबर के लिए गूगल सर्च पर भरोसा न करें तथा किसी भी संदिग्ध लिंक, वेबसाइट या निवेश योजना में धनराशि निवेश न करें। वित्तीय साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें अथवा www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कर निकटतम पुलिस/साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।