प्रवीण वाल्मीकि गैंग से जुड़े दो पुलिसकर्मियों को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार
shikhrokiawaaz.com
09/16/2025
रुड़की:एसटीएफ उत्तराखंड की टीम ने कुख्यात वाल्मीकि गैंग के साथ संबंध रखने वाले दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।
एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि
प्रवीण वाल्मीकि गैंग के सम्बन्ध में पिछले माह में एक गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी,जिसके आधार पर थाना गंगनहर पर कुख्यात गैंगस्टर प्रवीण वाल्मिकी उसका भतीजा मनीष बाँलर, पंकज अष्ठवाल आदि 06 लोंगो के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था।
जिसमें कि रुड़की क्षेत्र के ग्राम सुनेहरा के रहने वाले श्याम बिहारी की वर्ष 2014 में मृत्यु हो गई थी जिसकी करोड़ो रुपए की बेशकीमती संपत्ति ग्राम सुनेहरा क्षेत्र में स्थित है श्याम बिहारी की मृत्यु के पश्चात इस संपत्ति की देखभाल उसका छोटा भाई कृष्ण गोपाल कर रहा था वर्ष 2018 में प्रवीण वाल्मीकि गैंग द्वारा इस संपत्ति को कब्जा करने की नियत से कृष्ण गोपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके पश्चात इस संपत्ति की देखभाल श्याम बिहारी की पत्नी रेखा द्वारा की जाने लगी तो प्रवीण वाल्मीकि द्वारा रेखा को धमकाकर संपत्ति अपने नाम पर करने के लिए दबाव बनाया गया परंतु वह नहीं मानी तो उसके भाई सुभाष पर वर्ष 2019 में प्रवीण वाल्मीकि ने अपने भतीजे मनीष बॉलर व उसके साथियों के साथ गोली चलवायी गई थी,इन दोनों घटनाओं से रेखा का परिवार डर गया और वह रुड़की क्षेत्र छोड़कर कहीं अज्ञात स्थान पर छिप कर रहने लगे थे,इसके बाद रेखा व कृष्ण गोपाल की संपत्ति को प्रवीण वाल्मिकी व उसके सदस्यों द्वारा फर्जी रेखा व कृषण गोपाल की पत्नी स्नेहलता बनाकर फर्जी पाँवर अटार्नी तैयार की गई तथा इन सम्पत्तयों को आगे बेचा गया इस काम में मनीष बाँलर का सहयोगी पंकज अष्टवाल था जिसने रेखा की फर्जी पावर अटार्नी अपने नाम करवाकर करोंड़ो मूल्य की सम्पत्ति को खुर्द बुर्द कर आगे बेचा,प्रवीण वाल्मीकि गैंग का इतना भय था कि इस परिवार ने अपनी जान माल की रक्षा के लिए किसी से कोई भी शिकायत नहीं दर्ज कराई गई।
अब उक्त प्रकरण में एसटीएफ की टीम ने अपनी विवेचना मे पाया कि कां0 शेर सिंह व कां0 हसन जैदी जो कि पुलिस विभाग में आरक्षी के पद पर जनपद पिथौरागढ़ में नियुक्त हैं, के आपसी सम्बन्ध कुख्यात अपराधी प्रवीण बाल्मीकि और मनीष बाल्मीकि उर्फ बॉलर के गिरोह के साथ हैं, इनकी प्रवीण वाल्मिकी के साथ जेल में मुलाकात करने के विवरण के साथ साथ मनीष बॉलर के साथ आपसी कॉल रिकार्ड पाये गये। इसके अलावा इनके द्वारा पीडित पक्ष पर उनकी जमीन को कब्जाने के लिए दवाब बनाया गया। उसके लिए शेर सिंह के द्वारा 26 अप्रैल को रुड़की कोर्ट परिसर मे पीडित पक्ष को बुलाकर तारीख पर आए हुये प्रवीण बाल्मीकि से मुलाकात कराकर एवं मार्च 2025 में हसन जैदी द्वारा मनीष बॉलर के साथ पीड़िता रेखा के पुत्र सूर्यकांत को रूड़की हॉस्पिटल में जाकर डराया धमकाया गया और अपनी सम्पत्ती को विक्रय करने के लिये दबाव बनाया गया।
उक्त प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुये पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्ड द्वारा मामले की विवेचना एसटीएफ को सुपुर्द की गयी। जिसके पश्चात उक्त प्रकरण में पहली बार वाल्मिकी गैंग के 02 सदस्यों मनीष बाँलर और पंकज अष्ठवाल निवासीगण ग्राम सुनेहरा थाना गंगनहर जनपद हरिद्वार को थाना गंगनहर क्षेत्र में दबीश मारकर गिरफ्तार किय़ा गय़ा था।
एसएसपी एसटीएफ ने आगे बताया कि मनीष बाँलर एवं पंकज अष्टवाल से जमीन की विक्रय करने वाली फर्जी रेखा व संलिप्त सदस्यों की जानकारी प्राप्त हुई है, जिस पर फर्जी रेखा बनी महिला रेखा पत्नी कुलदीप सिंह निवासी ज्वालपुर हरिद्वारकी भी एसटीएफ द्वारा गिरप्तारी की जा चुकी है। अब इस प्रकरण में दो पुलिस आरक्षियों 1.शेर सिंह (उम्र236)पुत्र स्व0 श्री दल सिंह,निवासी ग्राम बहादरपुर जट जिला हरिद्वार,2.हसन अब्बास जैदी (उम्र46)पुत्र स्व0 श्री तालीब अली निवासी खेरवा जलालपुर, तहसील सरधना जिला मेरठ की संलिप्तता पाए जाने पर गिरफ्तारी की गई है।
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