देहरादून: राज्य एसटीएफ की साइबर टीम ने डिजिटल अरेस्ट मामले में करोड़ो की ठगी का मास्टरमाइंड को हरियाणा से गिरफ्तार किया है।
जानकारी हो की वर्ष 2025 में अभियुक्तगणों द्वारा रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त कुलपति से डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर 1.47 करोड रूपये की
साईबर धोखाधडी की गई थी।
उक्त प्रकरण में एफआईआर संख्या (21/2025) से सम्बन्धित अभियोग में 50 लाख रूपये के लाभार्थी खाताधारक वांछित अभियुक्त को हरियाणा राज्य से गिरफ्तार किया है। उक्त अभियोग में पूर्व में ही 03 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि माह अगस्त 2025 में नैनीताल निवासी पीडिता द्वारा डिजिटल अरेस्ट से सम्बन्धित अभियोग साईबर क्राईम रूद्रपुर में दर्ज कराया गया था, जिसमें साईबर अपराधियों द्वारा स्वयं को महाराष्ट्र साईबर क्राईम से बताते हुए पीडिता के नाम पर खुले बैंक खाते में मनी लाण्ड्रिंग के तहत 60 करोड रूपये की लेन-देन होने की बात कही गयी, जिसके लिये साईबर अपराधियों द्वारा पीडिता के खातों का ऑनलाईन वैरिफिकेशन किये जाने के नाम पर व्हाटसप कॉल पर ही 12 दिनों तक पीडित को “डिजिटली अरेस्ट” करते हुए विभिन्न खातों में कुल 1.47 करोड़ रूपये की धनराशि धोखाधडीपूर्वक जमा करायी गयी थी। गिरफ्तार अभियुक्त
भूपिन्दर सिंह पुत्र गुरचरन सिंह निवासी ग्राम पिलखनी, रविदास मन्दिर के पास, थाना शाह, जनपद अम्बाला, हरियाणा (उम्र- 41 वर्ष) के बैंक खाते में साइबर ठगी से प्राप्त 50 लाख रूपये की धनराशि स्थानांतरित हुई थी। लगातार फरार चल रहे उक्त अभियुक्त को एसटीएफ की साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों एवं लगातार की जा रही निगरानी के आधार पर उसे गिरफ्तार करने मे सफलता प्राप्त की है।
साईबर थाना पुलिस टीम के प्रभारी निरीक्षक अरूण कुमार, उ0नि0 शंकर सिंह रावत, अ0उ0नि0 सत्येन्द्र गंगोला, हे0कानि0 सुरेन्द्र सिंह सामन्त, हे0कानि0 मनोज कुमार की अहम भूमिका रही।