पौड़ी:जल्दी अमीर बनने का सपना दिखाकर लोगों को ठगने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का पौड़ी पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। बेहद सुनियोजित तरीके से काम करने वाला यह नेटवर्क व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाता था और फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लेता था।
पुलिस कप्तान सर्वेश पंवार के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में सामने आया कि इस पूरे रैकेट की जड़ें महाराष्ट्र के नागपुर से जुड़ी हुई हैं।
जानकारी के अनुसार बीते साल 23 अक्टूबर को शिकायतकर्ता धुमाकोट निवासी दिनकर कुमार पोखरियाल ने थाना धुमाकोट में शिकायत दर्ज करवाते हुए उन्होंने बताया कि उन्हें एक ऑनलाइन ट्रेडिंग व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां 700 प्रतिशत तक मुनाफा दिलाने के नाम पर 15 लाख से ज्यादा की ठगी की गई।
उक्त मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर तत्काल एक विशेष टीम गठित की गई। अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर, क्षेत्राधिकारी कोटद्वार निहारिका सेमवाल और थानाध्यक्ष धुमाकोट सुनील पंवार के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी जांच, बैंक खातों की पड़ताल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया। गहन छानबीन के बाद इस पूरे नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं।
जांच के दौरान यह सामने आया कि साइबर ठगी का मास्टरमाइंड जयन्त ताराचन्द अन्नापुर्णे है, जो नागपुर से पूरे गिरोह को संचालित कर रहा था। पुलिस टीम जब उसकी तलाश में नागपुर पहुंची तो पता चला कि वह अपने सहयोगी अजय रामभरोसे वाल्मीकी के साथ पहले से ही एक अन्य मामले में रांची जेल में बंद है। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय से वारंट बी प्राप्त कर कल बुधवार को मुख्य आरोपी जयन्त ताराचन्द अन्नापुर्णे पुत्र ताराचन्द तुकाराम अन्नापुर्णे, निवासी— अमरावती रोड, झांसीरानी बस स्टॉप, देवलामति, नागपुर, महाराष्ट्र,फ्लैट नं. A/8-33, व्यंकटेशनगर, नंदनवन, केडीके कॉलेज के पास, हनुमान नगर, नागपुर, महाराष्ट्र,को रांची जेल से लाकर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
एसएसपी पौड़ी ने कहा कि सह-अभियुक्त अजय रामभरोसे वाल्मीकी को भी न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है।
इसके साथ ही उक्त प्रकरण में एक अन्य आरोपी दया कृष्ण पैनरू, निवासी हल्द्वानी के खिलाफ पूर्व में ही धारा 35(3) बीएनएस के तहत कार्रवाई की जा चुकी है।