देहरादून:जनपद में सुरक्षित दवा वितरण और नशा उन्मूलन को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिस क्रम में मंगलवार को टर्नर रोड और क्लेमेंट टाउन क्षेत्र के कई मेडिकल स्टोरों पर संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया। अभियान का उद्देश्य लोगों तक सुरक्षित और मानक अनुरूप दवाएं पहुंचाना और औषधियों की बिक्री में पारदर्शिता सुनिश्चित करना रहा।
यह निरीक्षण उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून के निर्देशन में चलाए जा रहे “सेफ ड्रग्स: सेफ लाइफ” अभियान के तहत किया गया। निरीक्षण टीम का नेतृत्व सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून सीमा डुंगराकोटी ने किया। उनके साथ ड्रग विभाग के वरिष्ठ औषधि निरीक्षक और विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोरों के लाइसेंस, फार्मासिस्ट की उपलब्धता, एक्सपायर दवाओं के रख-रखाव, कोल्ड स्टोरेज व्यवस्था, नारकोटिक्स दवाओं के रिकॉर्ड, सीसीटीवी संचालन और स्टॉक रजिस्टर सहित कई बिंदुओं की जांच की गई।
जांच में कुछ मेडिकल स्टोरों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। ग्रीन मेडिकोज और वेलनेस मेडिकोज में एक्सपायर दवाओं का अव्यवस्थित भंडारण, फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति और रिकॉर्ड में खामियां मिलने पर कार्रवाई करते हुए दोनों स्टोरों को तत्काल बंद करा दिया गया। वहीं श्री गणेश मेडिकल स्टोर में भी गंदगी, रिकॉर्ड में लापरवाही और नियमों के विपरीत प्रचार सामग्री मिलने पर बिक्री पर रोक लगाई गई। संबंधित संचालकों को स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।
वहीं कुछ मेडिकल स्टोरों में व्यवस्थाएं संतोषजनक भी पाई गईं। एचबी फार्मेसी और प्राप्ति मेडिकोज में दवाओं के रख-रखाव और रिकॉर्ड अपेक्षाकृत बेहतर मिले, हालांकि वहां भी कुछ सुधार संबंधी निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि क्षेत्र के कुछ अन्य मेडिकल स्टोर कार्रवाई की सूचना मिलते ही बंद मिले। इसे लेकर भी अधिकारियों ने सवाल उठाए हैं।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि आमजन को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानकों के अनुरूप दवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना फार्मासिस्ट मेडिकल स्टोर संचालन, नारकोटिक दवाओं के रिकॉर्ड में लापरवाही या एक्सपायर दवाओं के अनुचित रख-रखाव को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी ड्रग विभाग के साथ इस तरह के संयुक्त औचक निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेंगे।