हरिद्वार: पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अंतरराज्यीय ऑटोलिफ्टर गैंग का भंडाफोड़ किया है। रानीपुर पुलिस और सीआईयू की संयुक्त कार्रवाई में गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे और निशानदेही पर उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश से चोरी की गई 25 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों में एक मोटर मैकेनिक है, जो चोरी की बाइक न बिकने पर उसके पार्ट्स निकालकर बेच देता था।
रानीपुर क्षेत्र में लगातार बढ़ रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिंह भंडारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। जांच में सीआईयू की मदद से तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण किया गया।
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने गोपनीय सूचना पर नहर पटरी से जमालपुर जाने वाले कच्चे रास्ते के पास से भव्य उर्फ भोला (18) निवासी बिजनौर और सुधीर कुमार (22) निवासी बिजनौर को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से चोरी की एक स्प्लेंडर बाइक बरामद हुई।
पूछताछ में दोनों ने हरिद्वार, ऋषिकेश और उत्तर प्रदेश के बिजनौर समेत कई क्षेत्रों से मोटरसाइकिल चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस जांच में सामने आया कि भव्य पहले भी वाहन चोरी के मामले में जेल जा चुका है, जबकि उसका साथी सुधीर मोटर मैकेनिक है। दोनों चोरी की बाइक सस्ते दामों में बेच देते थे और जो बाइक नहीं बिकती थी, उसके पार्ट्स निकालकर अलग-अलग बेच देते थे।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने दादूपुर गोविंदपुर स्थित एक खंडहर में छापेमारी कर 24 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें और कई वाहन पार्ट्स बरामद किए। बरामद वाहनों में कोतवाली रानीपुर, ज्वालापुर, नगर कोतवाली, सिडकुल, मंगलौर तथा उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से चोरी की गई बाइक शामिल हैं। पुलिस अन्य बरामद वाहनों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
इस कार्रवाई के साथ हरिद्वार पुलिस ने वाहन चोर गिरोह के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए कुल 25 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी के अन्य मामलों की जांच जारी है।