इग्नू क्षेत्रीय केंद्र देहरादून के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. जगदम्बा प्रसाद ने बताया कि बदलते सामाजिक-आर्थिक परिवेश, जलवायु संबंधी चुनौतियों और सतत विकास की बढ़ती जरूरतों के बीच प्रशिक्षित विकास क्षेत्र के विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह कार्यक्रम तैयार किया गया है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को गैर सरकारी संगठनों, सरकारी संस्थानों, कंपनियों के सामाजिक उत्तरदायित्व विभागों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों में विकासात्मक योजनाओं के निर्माण, क्रियान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन के लिए तैयार किया जाएगा।
ये विद्यार्थी ले सकेंगे प्रवेश
एक वर्षीय एमए विकास अध्ययन कार्यक्रम में चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थी प्रवेश ले सकते हैं। इसके अलावा चार या पांच वर्षीय कृषि एवं संबद्ध विषयों के व्यावसायिक स्नातक तथा किसी भी शाखा से चार वर्षीय बीटेक या बीई डिग्रीधारी विद्यार्थी भी प्रवेश के लिए पात्र होंगे।
दो सेमेस्टर में पूरा होगा कार्यक्रम
40 क्रेडिट का यह कार्यक्रम दो सेमेस्टर में पूरा होगा। पहले सेमेस्टर में विकास का परिचय एवं विकास सिद्धांत, विकास की गतिशीलता तथा विकास से जुड़े मुद्दे एवं चुनौतियां पढ़ाई जाएंगी। दूसरे सेमेस्टर में विकास अध्ययन में अनुसंधान पद्धति के साथ लिंग अध्ययन, विकास नियोजन एवं संचार, प्रशिक्षण एवं विकास, स्थानीय स्वशासन, स्वास्थ्य एवं विकास, कंपनियों का सामाजिक उत्तरदायित्व, शहरी विकास तथा परियोजना कार्य जैसे विषय शामिल किए गए हैं।
कार्यक्रम की कुल फीस 8,000 रुपये निर्धारित की गई है।
प्रवेश की अंतिम तिथि 15 सितंबर
इग्नू ने जुलाई 2026 सत्र में ऑनलाइन तथा मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा माध्यम से संचालित कार्यक्रमों में, प्रमाणपत्र आधारित कार्यक्रमों को छोड़कर, प्रवेश की अंतिम तिथि 15 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी है। इच्छुक विद्यार्थी निर्धारित तिथि तक प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं।
वहीं जुलाई 2026 सत्र के लिए ऑनलाइन एवं मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा दोनों माध्यमों में पुनः पंजीकरण की अंतिम तिथि भी 15 सितंबर 2026 तक बढ़ा दी गई है। पुनः पंजीकरण कराने वाले विद्यार्थियों को 200 रुपये विलंब शुल्क देना होगा।
इग्नू क्षेत्रीय केंद्र देहरादून ने विद्यार्थियों से निर्धारित अंतिम तिथि से पहले प्रवेश और पुनः पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।