

देहरादून-: कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य द्वारा अपने पति गिरधारी लाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के एक हफ्ते बाद भी दून पुलिस अभी तक गिरधारी लाल साहू को गिरफ्तार नही कर सकी है। वहीँ बताया जा रहा है कि रेखा आर्य द्वारा एसआईटी को बयान दर्ज करवाने व एसआईटी को गिरधारी लाल से जुड़ी जो ऑडियो रिकॉर्डिंग सुपुर्द की गई थी, उसमें एसआईटी द्वारा न्यायालय कार्यवाही पूरी कर ली गयी है, जिसके उपरान्त आज उस रिकॉर्डिंग को फोरेंसिक साइंस लैब(एसएसएल) भेजे जाने की कोशिश है।
वहीं गिरधारी लाल साहू के बरेली में होने की संभावना के मद्देनजर एसआईटी की एक टीम बरेली होकर आ चुकी है, किंतु अभी तक गिरधारी लाल साहू का कोई पता नही चल रहा है। गिरधारी लाल के खिलाफ बरेली में 1990 के बाद से 2014 तक 39 मुकदमे दर्ज होने के चलते बरेली पुलिस उसकी नगरानी करती थी किन्तु 12 वर्ष पहले चाल चलन ठीक होने के चलते व आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त न होने के चलते बरेली पुलिस द्वारा भी उसकी निगरानी बंद कर दी गयी थी, जिसका फायदा उठाकर आज भी अभियुक्त फरार चल रहा है। आशंका यह भी जताई जा रही है कि अभियुक्त नेपाल फरार हो गया है। हालांकि इसके कोई ठोस प्रमाण नही है।
वहीँ अभियुक्त गिरधारी लाल के पीछे लगी एसआईटी द्वारा न्यायालय में सभी प्रक्रिया पूरी कर ली है, जिसके तहत आज गुरुवार को एसआईटी मामले से जुड़े ऑडियो रिकॉर्डिंग्स को एफएसएल भेज सकती है।
दूसरी तरफ देहरादून कोर्ट में भी उसके द्वारा एससी एसटी कोर्ट में डाली अग्रिम जमानत भी खारिज हो चुकी है।

जांच में ऑडियो सैंपलिंग का मिलान करने में फिलहाल एफएसएल व एसआईटी के खिलाफ चुनौती है कि ऑडियो रिकॉर्डिंग में जिस व्यक्ति की आवाज है वह गिरधारी लाल साहू है कि नही उसके लिए गिरधारी लाल की आवाज का सैंपल भी किस तरह लिया जाएगा। क्योंकि सम्भवतः उसके बाद ही पुलिस द्वारा उसके खिलाफ जांच में और पुख्ता तरीके से पैरवी की जा सकेगी।
