गैरसैंण-: गैरसैंण अंतर्गत ग्राम देवपुरी निवासी एक व्यक्ति के घर से काम निकलने के बाद रहस्मयी परिस्थिति में गायब हो जाने व उसके 5 दिन बाद उसकी हत्या हो जाने के मामले में गैरसैंण पुलिस, एसआईटी द्वारा 45 दिन की कड़ी मशक्कत वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण की मदद से हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया है।
बीती 18 मई को गैरसैंण अंतर्गत ग्राम देवपुरी (चिनीछानी) निवासी राजेन्द्र सिंह किसी काम से घर से निकले थे किंतु उसके बाद से न वह घर आये न ही उनका कुछ पता चला। राजेन्द्र सिंह का मोबाइल फ़ोन भी बंद मिला। परिजनों द्वारा थाना गैरसैंण को सूचित किया तो गैरसैंण पुलिस द्वारा डॉग स्क्वॉड की सहायता से लापता राजेन्द्र सिंह को खोजने को कड़ा अभियान चलाया किन्तु उनका कोई पता नही चल पाया।
इस बीच 23 मई को पुलिस को राजेन्द्र सिंह का शव ग्राम देवपुरी स्थित घाड़ी गधेरे में मिलने की सूचना मिली। जिसपर पुलिस, फील्ड यूनिट एवं एफएसएल टीम द्वारा मौके गए तो मृतक राजेन्द्र सिंह के दोनों पैर एवं एक हाथ रस्सी से बंधे मिले थे। एफएसएल टीम द्वारा मौके से मृतक का मोबाइल फोन, चप्पल और पानी की बोतल सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए। मामले में पुलिस ने गुमशुदगी को हत्या में परिवर्तित करते हुए मु0अ0सं0-15/2026, धारा 103(1)/238 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मामला व्यक्ति के गुमशुदा होने के बाद हत्या हो जाने व हत्या व हत्यारे का कोई सुराग न होने के चलते इस ब्लाइंड मर्डर को सुलझाने को गैरसैंण पुलिस द्वारा कड़ी कोशिश करते हुए वैज्ञानिक साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण एवं विशेष जांच दल (एसआईटी) की मदद से अभियुक्त देवेन्द्र सिंह पुत्र बलवंत सिंह निवासी चौड़ाधार, ग्राम देवपुरी को गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्त को पुलिस द्वारा आज न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां न्यायालय द्वारा उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया है।
*टीम के सदस्य-*
प्रभारी निरीक्षक कर्णप्रयाग विनोद थपलियाल, उपनिरीक्षक नवनीत भंडारी, एसओजी प्रभारी सतेन्द्र बुटोला एवं थाना प्रभारी पोखरी निरीक्षक देवेन्द्र पंत सहित अन्य पुलिस अधिकारी शामिल रहे।