देहरादून:उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व सैनिक विभाग ने आज देश की सर्वोच्च पदाधिकारी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को
केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना को तत्काल समाप्त करने की मांग करते हुए
जिलाधिकारी देहरादून को एक ज्ञापन सौंपा।
उक्त ज्ञापन में कहा गया है कि यह योजना न केवल भारतीय सेना की परंपरागत सैन्य शक्ति को कमजोर कर रही है, बल्कि युवाओं के भविष्य के साथ भी अन्याय है।
पूर्व सैनिक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने कहा कि देश की रक्षा और सीमाओं की सुरक्षा के लिए समर्पित सैनिकों की स्थायी भर्ती व्यवस्था को समाप्त कर अल्पकालिक योजना लागू करना राष्ट्र की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य दोनों के साथ खिलवाड़ है।
उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि इस विषय की गंभीरता को देखते हुए सरकार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं ताकि योजना पर पुनर्विचार किया जा सके।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उत्तराखंड जैसे सैन्य परंपराओं वाले राज्य के हजारों युवा देश की सेवा करने का सपना देखते हैं,लेकिन अग्निवीर योजना के तहत केवल चार वर्ष की सेवा और भविष्य की असुरक्षा के कारण युवाओं में निराशा का माहौल है।
पूर्व सैनिकों का कहना है कि जब कोई युवा मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने जीवन की आहुति देने को तैयार होता है, तब उसे चार साल के अनुबंध से बांधना अन्याय है।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की अनुशासन, निष्ठा और दीर्घकालिक सेवा भावना को बनाए रखना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
ज्ञापन पर कई पूर्व सैनिकों ने हस्ताक्षर कर योजना का विरोध किया और इसे स्थायी भर्ती प्रणाली से बदलने की मांग की।
उक्त ज्ञापन भेजने वालों में कर्नल राम रतन नेगी के साथ उपाध्यक्ष सूबेदार गोपाल गढ़िया व प्रदेश उपाध्यक्ष हवलदार बलबीर सिंह पंवार और कई पूर्व सैनिक शामिल रहे।
