देहरादून:जनपद में दून पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है।
आराघर क्षेत्र में रात्रि गश्त के दौरान पुलिस कर्मियों को एक 10 वर्षीय बालक अकेला और घबराई हुई अवस्था में घूमता मिला। पुलिस ने तुरंत उसे अपने संरक्षण में लेकर प्रेमपूर्वक बातचीत की, जिससे बालक ने अपना और अपने पिता का नाम बताया। इसके बाद पुलिस उसे सुरक्षित रूप से कोतवाली डालनवाला ले गई और कंट्रोल रूम की सहायता से उसके परिजनों की तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने बालक के परिवार का पता लगाकर उन्हें थाने बुलाया।
थाने पहुंचे बालक के पिता ने बताया कि घर पर डांट पड़ने से नाराज होकर उनका पुत्र बिना बताए घर से निकल गया था और परिवार के लोग उसकी तलाश में जुटे हुए थे। पुलिस ने बालक और उसके परिजनों की काउंसलिंग कर उन्हें आवश्यक समझाइश दी तथा सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चे को सकुशल उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। अपने बेटे को सुरक्षित वापस पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली और दून पुलिस की मानवीय कार्यशैली, संवेदनशीलता तथा त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया। यह घटना दर्शाती है कि दून पुलिस कानून व्यवस्था के साथ-साथ लोगों की सुरक्षा और सहायता के लिए भी पूरी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य कर रही है।