देहरादून:दून पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। कोतवाली विकासनगर पुलिस ने एटीएम बदलकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक युवती समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 34 एटीएम कार्ड, ठगी कर निकाले गए 9,380 रुपये तथा घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद कर ली गई है।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब 12 अप्रैल 2026 को धुलकोट निवासी संदीप सिंह ने कोतवाली विकासनगर में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वह हिताची कंपनी की फ्रैंचाइजी के तहत प्रेमनगर से विकासनगर तक लगे एटीएम की देखरेख करते हैं। हाल ही में विकासनगर, हरबर्टपुर चौक, सेलाकुई और रामपुर क्षेत्र के एटीएम मशीनों के कार्ड रीडर में अज्ञात लोगों द्वारा केमिकल डालकर मशीनों को खराब किया जा रहा था। इसके बाद जब लोग पैसे निकालने आते, तो उनके साथ धोखाधड़ी कर एटीएम कार्ड बदलकर उनके खातों से रकम निकाल ली जाती थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने घटनास्थलों और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की और संदिग्धों की पहचान के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान दो संदिग्धों की पहचान हुई, जो एक स्कूटी से घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।
लगातार प्रयासों के बाद 13 अप्रैल को समरफील्ड स्कूल के पास चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दोनों आरोपियों—अंकित कुमार (26 वर्ष) निवासी शक्ति विहार कॉलोनी, हरिद्वार और प्राची सैनी (22 वर्ष) निवासी दीपनगर, देहरादून—को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से 34 एटीएम कार्ड, 9,380 रुपये नकद और स्कूटी (नंबर: यूपी-11-सीडब्ल्यू-8205) बरामद की गई।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पहले एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में फेवी क्विक लगाकर उसे खराब कर देते थे। इसके बाद जब कोई व्यक्ति पैसे निकालने आता और मशीन काम नहीं करती, तो वे मदद के बहाने उसके पास पहुंचते और चालाकी से उसका एटीएम पिन जान लेते थे। इसी दौरान मौका पाकर वे उसका एटीएम कार्ड बदल देते और बाद में उसके खाते से पैसे निकाल लेते थे। इसी तरीके से उन्होंने सहसपुर क्षेत्र में एक महिला के खाते से 14 हजार रुपये भी निकाल लिए थे। हालांकि, अन्य कई मामलों में वे असफल भी रहे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी अंकित कुमार पहले भी धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुका है। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।