देहरादून:जिला प्रशासन ने आपदा प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्निर्माण कार्यों को नई गति दे दी है, जिलाधिकारी सविन बंसल मंगलवार को सेरागांव-सहस्त्रधारा पहुंचे, जहां उन्होंने अधिकारियों के साथ आपदा प्रभावित क्षेत्रों का ग्राउंड जीरो निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
डीएम बंसल ने कहा कि राज्य हित और आपदा न्यूनीकरण जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी विभागीय अधिकारी क्षेत्र में डटे रहेंगे जब तक हर प्रभावित परिवार को राहत नहीं मिल जाती।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्लीगाड़ और मझेड़ा में सड़क, बिजली और पानी की बहाली में तेजी लाने के निर्देश दिए।
साथ ही वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी और आईआईटी रूड़की की विशेषज्ञ टीम को विस्थापन और भूगर्भीय सर्वे करने का जिम्मा सौंपा गया है,ताकि भविष्य में आपदा के खतरे को कम किया जा सके।
जिलाधिकारी ने बताया कि क्षेत्र में जमा लाखों टन मलबा हटाने के लिए स्वीकृति आदेश जारी कर दिए गए हैं। इसके लिए नीलामी प्रक्रिया की विज्ञप्ति आज ही प्रकाशित कर दी गई, और चिन्हित स्थानों पर लॉट आवंटित कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मानसून शुरू होने से पहले सारा मलबा निस्तारित कर लिया जाएगा, जिससे पुनः किसी प्रकार की आपदा की आशंका न रहे।
प्रभावित परिवारों को राहत देते हुए डीएम ने बाजार दर पर किराए की सहायता राशि देने के आदेश दिए। वर्तमान में प्रभावितों को 4 हजार प्रतिमाह किराया दिया जा रहा है,जिसे स्थानीय दरों के अनुसार संशोधित किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि गांवों के आंतरिक पैदल रास्ते और संपर्क मार्ग तुरंत खोले जाएं। उन्होंने मौके पर ही लोनिवि को फंड स्वीकृत कर मशीनों से सफाई कार्य शुरू करने के निर्देश दिए।
डीएम ने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में वन, सिंचाई, खनन और राजस्व विभागों की संयुक्त टीमों को जिम्मेदारी दी गई है, जो 500 से 600 मीटर के पैच में मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू करेंगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं, और जिला प्रशासन उनके निर्देशों के पूर्ण पालन के लिए संकल्पबद्ध है, डीएम बंसल ने कहा कि हर प्रभावित परिवार तक राहत पहुंचाना हमारा कर्तव्य है और जब तक पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो जाते अधिकारी क्षेत्र में ही रहेंगे।
उक्त समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा, उप जिलाधिकारी हरिगिरि, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद ढौंडियाल, अधिशासी अभियंता ओमपाल (लोनिवि), अभियंता राकेश कुमार (विद्युत), जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, ग्राम प्रधान राकेश जवाड़ी, संजय राणा, जय किशन ममगांई सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
