वर्ष 2024 में अक्टूबर में मेरे साथ साइबर ठगी हुई जिसके खिलाफ मैंने समय पर लिखित व साइबर क्राइम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। साइबर थाने द्वारा मेरी शिकायत की प्रतिक्रिया व तत्काल कार्यवाही में साइबर ठग के खाते को फ्रीज कर दिया और मेरे डाले गए पैसे उसके खाते में होल्ड हो गए।
मेरे क्षेत्रान्तर्गत मामला थाने में आ गया और 9 महीने बाद कि कार्यवाही में यह कहकर रिपोर्ट लगा दी गयी कि 'अर्जुन सिंह भण्डारी द्वारा फोन नही उठाया गया' जो भी अपने आप मे एक सोचने वाली बात हो गयी।
जिसके बाद मैंने कोर्ट का रुख किया और कोर्ट ने मेरे पक्ष में निर्णय दिया और मैंने भी 'आखिरकार' की उम्मीद के साथ थाने में मेरे पैसे मुझे लौटाने की कार्यवाही में सहायक कोर्ट के निर्णय को थाने में जमा करवा दिया। थाने ने भी वह रिपोर्ट व अपनी कार्यवाही के तहत एसबीआई धर्मपुर में अपनी रिपोर्ट भेज दी। पर दो महीने हो गए बैंक ने अपनी कार्यवाही में एक कदम आगे नही बढ़ाया, जो बैंक के 'बैंक' नाम जिसका तात्पर्य भरोसा(यू कैन बैंक अपॉन) कहकर देश के नागरिकों से कहा जाता है, मुझे धूमिल सा लग रहा है। जिस प्रकार की कार्यवाही और समय सीमा मैंने इस पूरे समयावधि में देखी मुझे लगता है कि अब तो खुद मुझे बरेली जाकर साइबर ठग के घर जाकर अपने रुपये वापिस मांगने पड़ेंगे, तो शायद वह तो दे ही दे।
सच मे मेरे समझ नही आता जो मैं खबरों में देखता,पढ़ता और कई बार खुद लिखता हूँ कि वह कौन लोग होते है जिनके पैसे ' घटना होने के मात्र 24 घंटे, मात्र 15 दिन में आदि' के साथ वापिस आ जाते है। मेरे कार्य मे और प्रक्रिया में कहां कमी रह गयी? पर अब समझता हूं शायद जान पहचान ऊंची रहती होगी जो पैसे वपिस आने में ज्यादा जूझना नही होता होगा! और मुझे देखो मुझे 1 साल हो गया और कोशिश तो मैंने जी तोड़ भी की पर कमी कहां रही मुझसे मैं स्वयं आंकलन कर रहा हूँ आज तक....
बीते वर्ष अक्टूबर में मेरे साथ एक साइबर ठगी हो गयी थी जिसमें अपने रुपये वापिस प्राप्त करने को मैं आज तक संघर्ष कर रहा हूँ, पर सिस्टम में कहां और किससे आखिर में दरख्वास्त करूँ की मेरे पैसे वापिस मुझे मिल जाये यह मेरे समझ मे नही आ रहा?!