देहरादून-: अंकिता भण्डारी मामले में सभी राजनीतिक पार्टियों वाम जनता की मांग व एक दिवस पूर्व अंकिता भण्डारी के माता पिता की इच्छा के अनुरूप ही मामले में आगे कार्यवाही का आश्वासन देने व दिवंगत अंकिता भण्डारी के माता पिता द्वारा भी मामले में सीबीआई जांच की मांग करने के बाद आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी है। मुख्यमंत्री ने मामले में सीबीआई जांच को सरकार का साफ, निष्पक्ष,पारदर्शी व संवेदनशील दृष्टिकोण बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा इस पूरे मामले में शुरू से अंत तक निष्पक्ष रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता–पिता द्वारा सीबीआई जांच के अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की सीबीआइ से जांच कराने का निर्णय लिया है।
वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मामले में सीबीआई जांच की संस्तुति देने के बाद कांग्रेस पार्टी द्वारा इस फैसले को उन सभी का एकजुट संघर्ष व जनता की जीत बताया है। वहीं उत्तराखंड बीजेपी महेंद्र भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी संवेदनशील नेता है और उनके द्वारा अंकिता के माता पिता से किये वादे के अनुसार सीबीआई जांच को मंजूरी दी है।
वहीं कांग्रेस द्वारा हत्याकांड मामले में सिर्फ सीबीआई जांच भर कर देने से नही अपितु मामले में मुख्य गुत्थी "वीआईपी" नाम को उजागर करने की मांग की है। साथ ही रिजॉर्ट की जांच व सबूत एकत्रित करने से पूर्व ही रिजॉर्ट में बुलडोजर किसके आदेश पर चलवाया गया,उसका भी खुलासा करने की मांग की है। कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि जब तक इन सवालों के जवाब नही मिलते न्याय अधूरा रहेगा।
गौरतलब है कि अंकिता भण्डारी हत्याकांड में कांग्रेस समेत राज्य की तमाम बड़ी व छोटी राजनीतिक पार्टियों द्वारा हत्याकांड का खुलासा होने के बाद से ही प्रकरण में सामने आये वीआईपी नाम को उजागर करने को लेकर उत्तराखंड की सियासत में भूचाल लाया हुआ है, वहीं हाल ही में भाजपा के एक नेता व उनकी तथाकथित पत्नी का एक ऑडियो वायरल होने के बाद भाजपा के एक बड़े पदाधिकारी का नाम ही वह "वीआईपी" होने का दावा किया जा रहा था । जिसके बाद वह पदाधिकारी द्वारा अपनी छवि धूमिल होने के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया था। जिसमे न्यायालय द्वारा कांग्रेस व आप आदि को उन भाजपा नेता का नाम जहां भी सोशल मीडिया पोस्ट में उनके द्वारा इस्तेमाल किया गया है वहां से 24 घन्टे में हटाने के आदेश दिए थे।