देहरादून:प्रधानमंत्री के 14 अप्रैल को प्रस्तावित देहरादून दौरे से पहले पूरा शहर हाई अलर्ट पर है। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस, प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से “मिनट-टू-मिनट” रिहर्सल कर हर पहलू को बारीकी से परखा। यातायात प्रबंधन से लेकर भीड़ नियंत्रण तक सभी व्यवस्थाओं का सूक्ष्म परीक्षण किया गया।
रिहर्सल के बाद पुलिस लाइन में आयोजित उच्चस्तरीय ब्रीफिंग में डीजीपी दीपम सेठ ने साफ कहा कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरी व्यवस्था समयबद्ध, समन्वित और पूरी तरह त्रुटिरहित होनी चाहिए।
प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए 3000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी से पहले ब्रीफ कर उनकी जिम्मेदारियां स्पष्ट कर दी गई हैं। डीजीपी ने ड्यूटी के दौरान उच्च स्तर का टर्नआउट, अनुशासन और सतर्कता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।
वीवीआईपी रूट को पूरी तरह सुरक्षित और बाधामुक्त रखने के लिए अधिकारियों को पूर्व भौतिक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं। मार्ग में किसी भी प्रकार की निर्माण सामग्री या अवरोध न रहे, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और मानव श्रृंखला में शामिल होने वाले सभी प्रतिभागियों का सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर के जरिए हर व्यक्ति की गहन जांच होगी और बिना अनुमति किसी भी वस्तु को अंदर ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। कार्यक्रम के बाद भीड़ की सुरक्षित और सुव्यवस्थित निकासी के लिए भी विशेष प्लान तैयार किया गया है।
सुरक्षा के लिहाज से कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में ड्रोन संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। ऊंची इमारतों, जल टंकियों और अन्य संवेदनशील स्थानों की बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वाड द्वारा लगातार जांच की जा रही है। संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
डीजीपी ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया जाए।