
देहरादून-: स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों के फर्जी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर राज्य में एमबीबीएस की सीट हासिल करने के मामले में एसपी ग्रामीण जया बलोनी के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने कल बुधवार को 3 और अभियुक्तो को गिरफ़्तार किया है। गिरफ़्तार अभियुक्तो ने मुख्य आरोपी व पूर्व में गिरफ्तार रूपेश को अपने बेटियों के एमबीबीएस में दाखिले को 25 से 30 लाख रुपये में सौदा तय किया था।
पुलिस कप्तान प्रमेन्द्र डोबाल ने बताया कि नीट एडमिशन में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रितों का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर दाखिल लेने के संबंध में बीती 13 सितंबर को थाना रायपुर व क्लेमेंट टाउन में 4 युवतियों तृप्ति, परी, खुशी, स्वाति व उनके परिजनों के नाम मुकदमा दर्ज किया था। एसआईटी द्वारा प्रारंभिक स्तर पर शुरू की गई इस जांच में कड़ी दर कड़ी जोड़ते हुए मेरठ में बैठे मास्टरमाइंड रूपेश पंडित को गिरफ्तार किया गया था। जिसके द्वारा युवतियों के पिता से 25 से 30 लाख रुपये लेकर उनकी बेटियों का मेडिकल में एडमिशन करवाने का झांसा दिया गया था। मामले में एसआईटी द्वारा एक के बाद एक 8 अभियुक्तो को गिरफ़्तार किया गया था।
वहीँ इस मामले में सभी जगह से जब्त किए सभी दस्तावेजो के आधार पर एसआईटी के हाथ कल बुधवार को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अपने बेटियों को दाखिला दिलाने वाले 3 और व्यक्तियों प्रवीण कुमार निवासी बुढ़ाना, मुज़फ्फरनगर, जगपाल सिंह निवासी लक्सर, हरिद्वार, और रामपाल सिंह निवासी किरतपुर बिजनौर तक पहुँचे। एसआईटी ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार प्रवीण कुमार खुशी का पिता है, वहीं जगपाल स्वाति का पिता है। प्रवीण कुमार द्वारा रूपेश पंडित से 25 से 30 लाख में सौदा तय करते हुए अपनी बेटी के दाखिले के लिए रूपेश से फर्जी दस्तावेज,आधार कार्ड,डोमिसाइल, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाकर कॉलेज में दाखिला लिया था। गिरफ्तार जगपाल द्वारा भी यही दस्तावेज बना अपनी बेटी स्वाति को काउन्सलिंग में बिठाया था।

