बद्रीनाथ-: चमोली जिले के भ्यूंडार घाटी में स्थित प्रसिद्ध लक्षमण मंदिर के कपाट आज शुक्रवार को पूर्ण विधि विधान व मंत्रोउच्चरण के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये गए है। यह प्रसिद्ध मंदिर हेमकुंड झील के तट पर 15,225 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
कपाट आज सुबह 11 बजे खोले गए, कपाट खुलने के दौरान हजारों श्रद्धालुओं संग पुलना के ग्रामीण भी मौजूद रहे। लोकपाल को दुनिया का एकमात्र ऐसा मंदिर माना जाता है, जहां भगवान लक्ष्मण की पूजा उनके भाई राम और माता सीता के बिना, अकेले की जाती है। यहां श्रद्धालु अत्यधिक सर्दी व भारी बर्फबारी के चलते मात्र चार माह के लिए भगवान लक्षमण के दर्शन कर सकेंगे।
मान्यता के अनुसार, यहीं पर भगवान राम के छोटे भाई लक्ष्मण ने शेष नाग अवतार के रूप में घोर तपस्या की थी।कुछ कथाओं के अनुसार, रावण के पुत्र मेघनाद से युद्ध के दौरान शक्ति बाण लगने के बाद अपनी खोई हुई ऊर्जा और शक्ति वापस पाने के लिए लक्ष्मण जी ने इसी झील (लोकपाल) के किनारे तपस्या की थी।