
हेमकुंड-: कल शानिवार दोपहर 10 अक्टूबर को हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।
कल शनिवार साढ़े बारह व 1बजे हुक्मनामा के साथ ही दोपहर में जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल की गूंज के बाद सिख धर्म के प्रमुख आस्था के केंद्र जनपद चमोली के भयुन्डार घाटी में स्थित हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।

कपाट बंद होने की पारंपरिक धार्मिक प्रक्रिया के दौरान यात्रा सीजन की अंतिम अरदास लगने के बाद मुख्य ग्रंथी (या पंज प्यारे) द्वारा सिखों के पवित्र ग्रंथ श्री गुरु ग्रन्थ साहिब जी के पावन स्वरूप को पूर्ण श्रद्धा, आदर और धार्मिक मर्यादा के साथ अपने सिर पर रखकर दीवान हॉल से सचखंड साहिब में स्थापित किया गया। इस दौरान भारतीय सेना के बैंड की मधुर धुनों से भयुन्डार घाटी गुंजायमान हुई।
इस वर्ष 23 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट खोले गए थे, जिसमे कल शनिवार 10 अक्टूबर तक रिकॉर्ड 3.84 लाख श्रद्धालुओं द्वारा दर्शन किये गए। कपाट बंद होने के दिवस पाकिस्तान से 40 श्रद्धालुओं द्वारा भी गुरुद्वारे में मत्था टेका गया।

