News :
48 घंटे में आदित्य राणा हत्याकांड का खुलासा* 48 घंटे में आदित्य राणा हत्याकांड का खुलासा* वृद्धजन दिवस पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम हुआ आयोजित डिलीवरी बॉय की आड़ में स्मैक की तस्करी करता अभियुक्त गिरफ्तार हरियाणा के युवाओं ने सीएम धामी से किये अपने भ्रमण के अनुभव साझा, धामी ने कहा "डिजिटल ब्रांड एंबेसडर बन उत्तराखंड़ के अनुभवों को देश तक पहुँचाये" यूसीसी लागू करने वाला दूसरा राज्य बना गुजरात सीएम धामी ने रामपुर तिराहा गोलीकांड के शहीदो को दी श्रद्धांजलि माँ की मौत के बाद से मानसिक रूप से अस्वस्थ युवती पहुँची दून, दून पुलिस ने परिजनों को खोज सकुशल किया सुपुर्द उत्तराखंड में वन्यजीव सप्ताह-2026 की शुरुआत, 8 अक्टूबर तक चलेगा अभियान मादक पदार्थों की तस्करी/बिक्री में लिप्त 02 अभियुक्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

यूसीसी लागू करने वाला दूसरा राज्य बना गुजरात

  • Share
यूसीसी लागू करने वाला दूसरा राज्य बना गुजरात

shikhrokiawaaz.com

10/03/2026


दिल्ली-: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा गुजरात द्वारा राज्यभर में यूसीसी लागू करने के विधेयक को 17 सितंबर को मंजूरी देने के बाद गुजरात द्वारा 1 अक्टूबर को गजट नोटॉफिकेशन जारी करने के बाद यूसीसी लागू करने वाला गुजरात भारत का दूसरा राज्य बन गया है। इससे पहले उत्तराखंड़ आज़ादी के बाद यूसीसी लागू करने वाला भारत का पहला राज्य बन चुका है।

राज्य के हर एक धर्म व हर एक नागरिक को एक समान कानून के दायरे में लागू को गुजरात द्वारण इसी वर्ष 24 मार्च को अपने विधानसभा में यूसीसी का विधेयक पारित करवाया था, जिसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के द्वारा 17 सितंबर को गुजरात के यूसीसी विधेयक को औपचारिक मंजूरी देने के बाद गुजरात सरकार द्वारा 1 अक्टूबर को गजट(राजपत्र) में यूसीसी नॉटिफिकेशन जारी किया गया था। नियमानुसार विधेयक को कानून बनाने के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी करने की अनिवार्यता को पूर्ण करने के बाद गुजरात अब देश का दूसरा ऐसा राज्य बन गया है जहां यूसीसी लागू है।

गुजरात सरकार द्वारा लागू यूसीसी के तहत तलाक, लिव इन रिलेशनशिप, जमीन जायदाद, उत्तराधिकार जैसे मामलों में सभी नागरिकों पर समान तरीके से कानून बाध्य होगा, फिर चाहे गुजरात मूल का व्यक्ति देश के किसी भी हिस्से में जाए। हालांकि उत्तराखंड़ की ही अनुसूचित जनजातियां पर यह कानून लागू नही होगा। 
शेष हिन्दू, सिख, ईसाई, पारसी, यहूदी, बुद्ध, जैन आदि पर यह कानून समान रूप से लागू होगा। सरकार द्वारा सभी धर्मों के लोगों के लिए शादी का पंजीकरण 60 दिनों के भीतर करवाना अनिवार्य किया गया है व तय समय से अधिक होने पर 10 हज़ार का जुर्माने का प्राविधान किया है। कानून में बहुविवाह और बहुपतित्व पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। पति या पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करना अब अपराध माना जाएगा। उत्तराधिकार के मामलों में बेटी और बेटे को संपत्ति में समान अधिकार दिए गए हैं।

 तलाक केवल अदालत के कानूनी आदेश के जरिए ही मान्य होगा। कानून में मुस्लिम समुदाय के विवादित हलाला विवाह पर पर रोक लगाई गई है। वहीं लिव इन मे रहने वाले जोड़ो को रजिस्ट्रार के समक्ष शपथपत्र देना अनिवार्य होगा। इन रिश्तों में पैदा हुआ बच्चा वैध माना जायेगा और महिलाओं को भरण पोषण का अधिकार दिया जाएगा।

अनुसूचित जनजाति पर यूसीसी लागू नही किया जाएगा। वह लोग अपनी संस्कृति और परंपरा अनुसार विवाह, विच्छेद, संपत्ति आदि का निर्णय स्वयं कर सकेंगे।
Comments
comment
date
latest news
जल्दी पैसा कमाने के चक्कर मे एक बंद घर मे की चोरी,अब पहुँचे जेल

जल्दी पैसा कमाने के चक्कर मे एक बंद घर मे की चोरी,अब पहुँचे जेल