
मोहाली-: भारतीय हॉकी ने इतिहास के पन्नो में एक बार फिर स्वर्णिम अक्षरों में अपनी कहानी लिख दी है। भारतीय हॉकी टीम ने कल गुरुवार देर शाम मोहाली में जापान के खिलाफ खेले गए चुनौतीपूर्ण मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान को 4-1 से हराकर छटवीं बार एशियाई चैंपियनशिप ट्रॉफी भारत की झोली में ला दी है। भारतीय हॉकी टीम ने यह ट्रॉफी लगातार तीसरी बार और कुल छटवीं बार हासिल की है।
मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेला गए फाइनल मुकाबले में भारत की भिड़ंत जापान से हुई,जिसमे शुरुआत भारत के पक्ष में नही रही और मैच शुरू होने के तीसरे ही मिनट जापान के काजुमासा ने शानदार शॉट लगाते हुए जापान को मैच में 1-0 की बढ़त दिलाई। जिसके बाद जापान ने दो क्वाटर्स तक भारत की गोल दागने की कोशिशों को नाकाम कर दिया। 20वें मिनट में जापान को लगातार दो पेनाल्टी कॉर्नर मिले किन्तु भारतीय मजबूत डिफेंस ने जापानी कप्तान की कोशिशों को नाकाम कर दिया।
दूसरे हाफ में भारत मे मजबूत व दमदार वापसी करते हुए 33 वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने पेनाल्टी कार्नर मिले किन्तु वह गोल में तब्दील न हो सका।
जिसके बाद भारत की तरफ से शिलानंद लाकड़ा (42वें मिनट), दिलप्रीत सिंह (48वें मिनट), जुगराज सिंह (53वें मिनट) और विवेक सागर प्रसाद (54वें मिनट) ने गोल करते हुए भारत के द्वारा जापान के खिलाफ 4 गोल कर पूरे मैच का ही रुख पलट दिया व मैच को अपने पक्ष में करते हुए एशियाई चैंपिनशिप की ट्रॉफी जीत ली।

भारत इससे पहले वर्ष 2011, 2016, 2018, 2023,2024 में एशियाई चैंपियन बन चुका है।

