देहरादून:जनपद में शांति, सुरक्षा और सामाजिक मर्यादा बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेड़ा को जिले की सीमा से बाहर कर दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर यह कार्रवाई गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत की गई।
प्रशासन को प्राप्त शिकायतों और जनसुनवाई में सामने आए तथ्यों के अनुसार, लेन ऋषि विहार, माजरी माफी निवासी दिव्यकांत लखेड़ा क्षेत्र के लिए भय और अशांति का कारण बना हुआ था।
आरोपी अपनी वृद्ध मां के साथ लगातार मारपीट करता था, जिससे मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर मां को घर छोड़ना पड़ा।
इतना ही नहीं, आरोपी पर मोहल्ले की महिलाओं के प्रति अभद्र टिप्पणियां करने, बुजुर्गों को धमकाने और असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर अपने आवास को नशे के अड्डे के रूप में संचालित करने के आरोप भी सामने आए,इन गतिविधियों से क्षेत्र में असुरक्षा और तनाव का माहौल बना हुआ था।
मोहल्लेवासियों द्वारा की गई सामूहिक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने पूर्व में जारी नोटिस की पुष्टि करते हुए आरोपी को गुंडा अधिनियम की धारा 3(3) के अंतर्गत दोषी मानते हुए छह माह की अवधि के लिए देहरादून जनपद से बाहर रहने का आदेश पारित किया है।
यदि आरोपी को किसी कारणवश जनपद में प्रवेश करना होगा तो उसे जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय से पूर्व अनुमति लेनी अनिवार्य होगी। साथ ही, जिले से बाहर रहते हुए अपने निवास की पूर्ण जानकारी न्यायालय और संबंधित थाने को देना आवश्यक होगा।
जिलाधिकारी बंसल ने कहा आदेश का उल्लंघन करने की स्थिति में आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी,जिसमें कारावास और अर्थदंड का प्रावधान है।
इसके साथ ही थाना नेहरू कॉलोनी के प्रभारी को निर्देशित किया गया है कि आदेश की प्रति आरोपी को तत्काल तामील कराते हुए उसे 24 घंटे के भीतर जनपद से बाहर भेजना सुनिश्चित करें और अनुपालन रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय को प्रस्तुत करें।
जिला प्रशासन ने दो टूक कहा है कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है और आम नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
जिला प्रशासन का कड़ा संदेश: असामाजिक गतिविधियों पर सख्ती
shikhrokiawaaz.com
01/14/2026
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