
देहरादून-: आज राजधानी देहरादून में आयोजित हुए उत्तराखंड स्थापना दिवस कार्यक्रम के मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में देहरादून पहुँचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरुद्ध कांग्रेस नेता व अधिवक्ता संदीप मोहन चमोली के नेतृत्व में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा "अमित शाह गो बैक" के नारे लगाए व "उत्तराखंड की बेटी अंकिता को न्याय दो" की मांग की।
उत्तराखंड कांग्रेस पार्टी द्वारा अंकिता भण्डारी मामले में राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार पर लगातार निशाना साधते हुए मामले में अंकिता भण्डारी के व्हाट्सएप्प में उजागर हुई वीवीआईपी गेस्ट के नाम को उजागर करने की मांग की जा रही है। जिसको लेकर एक तरफ जहां सीएम धामी ने सीबीआई जांच शुरू करवा दी है, वहीं कांग्रेस द्वारा इस मामले में सरकार पर जानबूझकर वीवीआईपी का नाम न उजागर करने के आरोप लगाए जा रहे है। इसी क्रम में कल 5 नवंबर को संदीप मोहन चमोली ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा था कि अंकिता भंडारी के माता-पिता के साथ हुए व्यवहार के बाद उत्तराखंड की जनता इस आगमन का विरोध करेगी।
जिस क्रम में संदीप मोहन द्वारा आज आगामी 9 नवंबर के स्थान पर आज 6 नवंबर को राजधानी देहरादून में आयोजित हो रहे राज्य स्थापना दिवस के कार्यक्रम में सम्मिलित होने आए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड आने के विरोध स्वरूप घंटाघर स्थित स्व0इंद्रमणि बडोनी की मूर्ति पर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के नेतृत्व की कमान कांग्रेस के नेता व अधिवक्ता संदीप मोहन चमोली ने संभाली। उनके द्वारा कोर्ट परिसर स्थित शहीद स्मारक स्थल पर एकत्रित होकर घंटाघर तक पैदल रैली निकाली व उसके उपरांत घण्टाघर पहुँचते ही "अमित शाह गो बैक", "अंकिता भण्डारी को न्याय दो" के नारे लगाए गए। इस दौरान संदीप मोहन चमोली ने अमित शाह के नाम का पोस्टर भी फाड़ा, जिसपर पुलिस द्वारा उनको काबू किया गया।

जिसके उपरांत उन्होंने मौके पर ही अपने शर्ट उतार उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में लेकर बस में बिठाकर मौके से हटाया गया।

